2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है
कांग्रेस के इस दावे के बीच कि राजस्थान में पार्टी एकजुट है, वहीं दूसरी तरफ असंतुष्ट कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आखिरकार पार्टी से बाहर निकलने और नई पार्टी बनाने का फैसला किया या नहीं यह संशय बना हुआ है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट 11 जून को उनके पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा में एक मेगा रैली के करने जा रहे हैं जिसमें केवल तीन दिनों का समय बचा है , लेकिन अभी भी कांग्रेस नेता सचिन पायलट के भविष्य के कार्यों पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है।
ऐसी अटकलेंलगाई जा रही हैं कि पायलट इस रैली में कांग्रेस छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं और राज्य अगले विधानसभा चुनाव से कुछ पहले अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते है
पायलट राज्य में अपनी ही पार्टी के नेतृत्व, विशेष रूप से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ युद्ध की राह पर हैं,पूर्व डिप्टी सीएम पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग कर रहे हैं और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
वहीं राजस्थान लोक सेवा आयोग का पुनर्गठन नए सिरे से करने की मांग भी की हैं।
वहीं नियुक्ति, और कई पेपर लीक के कारण सरकारी भर्ती परीक्षा रद्द होने से प्रभावित विधार्थियों को मुआवजा देने की भी मांग उन्होंने जन संघर्ष यात्रा में रखी थी
अब रिपोर्ट्स की मानें तो पायलट अपने पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि 11 जून को दौसा में नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं.और कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट इसके लिए अपने गुट के वफादार नेताओं से मिल रहे हैं। हालांकि अभी तक पायलट ने इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। इस इस बारे में आप क्या सोचते हैं कॉमेंट में जरुर बताए।

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