सोशल मिडिया पर वायरल पोस्ट से कोल्हापुर में हिन्दू संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का आव्हान कर दिया और संगठनों ने आरोप लगाया की सोशल मीडिया पोस्ट का उद्देश्य दोनों (टीपू सुल्तान और औरंगजेब)का महिमामंडन करना था।
पुलिस के आला अधिकारियों बताया कि कुछ हिंदू संगठनों ने 7 जून को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में टीपू सुल्तान और औरंगजेब पर विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया , हिन्दू संगठनों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पोस्ट का उद्देश्य इन दोनों शासकों का महिमामंडन करना था।
और वह विरोध हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के आस पास की कुछ दुकानों और खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करना शुरू कर दी और पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिनके पास गृह विभाग भी है, भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक महेंद्र पंडित ने प्रदर्शन के बारे में बताया की , “हिन्दू संगठनों ने सोशल मीडिया वायरल पोस्ट को लेकर बंद का आव्हान किया और पोस्ट का उद्देश्य दोनों (टीपू सुल्तान और औरंगजेब)का महिमामंडन करना था। इन संगठनों के सदस्य आज कोल्हापुर में शिवाजी चौक पर एकत्र हुए। लेकिन वहा कुछ लोगों ने पथराव भी शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को इन लोगों के खिलाफ लाठीचार्ज भी करना पड़ा ।” .
वहीं इस विषय पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आया हैं और उन्होंने कहा कि वह कोल्हापुर के पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हैं और वहा की स्थिति की जानकारी ली है, और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की।
और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “जांच चल रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा की ” महाराष्ट्र के कुछ जिलों में अचानक ओरांगजेब की ओलाद पैदा हुई हैं और इनके पीछे कौन है जो सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट करवाते हैं लेकिन महाराष्ट्र में औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों के लिए कोई माफी नहीं है। पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। और इसके पीछे जो भी है किसी को बक्शा नही जायेगा । साथ ही, यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि शांति बनी रहे।”
टीपू सुल्तान और औरंगजेब कौन है जिनके नाम से इतना बवाल हो रहा हैं
टीपू सुल्तान हैदर अली के पुत्र थे जिनका जन्म नवंबर 1750 में हुआ थे कई लोग जिन्हें ‘मैसूर के बाघ’ के रूप में भी बुलाते हैं।
हैदर अली जिनका शासनकाल- 1761 से 1782 तकचला और उनके पुत्र थे टीपू सुल्तान जिनका शासनकाल- 1782 से 1799 तक रहा और इन शासकों के नेतृत्व में मैसूर की शक्ति में काफी बढ़ोतरी हुई थीं।
टीपू सुल्तान ने भारतीय हथियारों के अलावा तोपखाने और रॉकेट जैसे पश्चिमी सैन्य तरीकों को अपनाया ताकि उनकी सेनाएँ ब्रिटिश सेनाओं का मुकाबला कर सकें।
वहीं औरंगजेब भारत देश के एक मुग़ल शासक थे, और भारत में कई वर्षो तक राज किया. वह मुगल शासकों में छठे नंबर के मुग़ल शासक थे, औरंगजेब ने 1658 से 1707 लगभग 49 साल तक शासन किया, मुगल शासकों में अकबर के बाद यही थे, जो इतने लम्बे समय तक शासन किया. इनकी मौत के बाद मुग़ल एम्पायर पूरी तरह बिखर गया था, और धीरे धीरे करके ख़त्म होने लगा था. लेकिन औरंगजेब को उसकी प्रजा ज्यादा पसंद नहीं करती थी,जिसकी वजह थी उसका व्यवहार. औरंगजेब को कट्टरपंथी, और पक्के मुसलमान मानते थे वह कठोर राजा थे, वही अकबर ने हिन्दू मुस्लिम एकता को काफ़ी बढ़ावा दिया था और अपनी हिन्दू प्रजा की जरूरतों का भी ख्याल रखते थे, लेकिन औरंगजेब ऐसे बिल्कुल ना थे. उसने कई हिंदू मंदिरों को भी तोड़ा था।और हिंदुओ पर काफी अत्याचार किया।

अब इसी को लेकर महाराष्ट्र में किसी ने सोशल मीडिया पर इन दोनों की तारीफ करते हुए पोस्ट कर दी तो कुछ हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया और बंद का आव्हान कर दिया और विरोध हिंसा में बदल गया ।अभी की स्थिति बताए तो पुलिस ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कोल्हापुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कर्फ्यू लगा दिया गया है।

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