ओडिशा के विनाशकारी ट्रेन हादसे से एक अजीब घटना सामने आई हैं इस हादसे में 280 लोगों की जान गई और करीब 900 से ज्यादा लोग घायल हुए, वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी के पिता ने बताया कि उसके बेटे को मरा हुआ समझकर लाशों के ढेर पर रख दिया गया।
उस प्रत्यक्षदर्शी व्यक्ति के पिता ने बताया की
“मेरा बेटा कोरोमंडल एक्सप्रेस में बैठा था वह सतरागाछी से चेन्नई काम पर जा रहा था। और शाम 7:30 बजे के आसपास उसने बताया कि ट्रेन का एक्सीडेंट हो गया है । मुझे किसी और के फोन से कॉल किया था और बताया था कि मैं बूरी तरीके से चोटिल हो गया हूं और फिर बेहोश हो गया ।
लेकिन तभी उसे मर्तक मानकर उसके ऊपर शवों का ढेर रख दिया गए । और उसे मृतक मानकर उसके ऊपर करीब 10-12 शवों के ढेर पड़े थे । लेकिन जब उसे होश आया तो उसने हाथ लाकर बताया कि वह जिंदा है
तभी लोगों को पता चला कि वह जिंदा है और फिर उसे अस्पताल ले जाया गया । और जब हम अपने बेटे को ढूंढने के लिए हादसे वाली जगह पर गए तब उसने दोबारा कॉल करके बताया कि वह किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती है जहां उसका इलाज चल रहा है जो करीब ट्रेन एक्सीडेंट वाली जगह से 80 किलोमीटर दूर था । और फिर हम यहां आए और आखिरकार मैंने उसे बालेसर अस्पताल में ढूंढ लिया । यह हादसा हमारे लिए है बहुत दुखदाई था मेरा बेटा करीब 2 साल बाद काम से घर लौटा था और 15- 20 दिन घर रहने के बाद वापस काम पर जा रहा था । लेकिन अब वह वापस काम पर जाएगा या नहीं यह उसकी मर्जी है लेकिन एक पिता होने के नाते मैं उसे वापस काम पर नहीं भेजना चाहूंगा ,हम उसके जिंदा होने पर खुश हैं लेकिन उसके हाथ पैर में चोट की हमें चिंता है ।
और मेरे लिए पैसे मायने नहीं रखते मेरे लिए बेटा ज्यादा जरूरी है मुझे मेरा बेटा मिल गया और अब मेरी प्राथमिकता यही है कि मैं अपने बेटे को वापस कलकत्ता घर ले जाऊं । और सुना है की मुख्यमंत्री हमें मुआवजा देगी जो हमारे लिए काफी मददगार साबित होगा और मैं उनका शुक्रगुजार हूं ।”
– ट्रेन हादसे में घायल प्रत्यक्षदर्शी के पिता
ऐसी ही अनगिनत दर्दनाक कहानिया इस ट्रेन हादसे में हमें देखने को मिली और बताया जा रहा हैं की अब भी करीब 80 शवों की पहचान नहीं हो पाई है । वहीं कई परिजन अपनो को ढूंढने में लगे हैं।
आपको बता दे की यह हादसा 2 पैसेंजर ट्रेनों के पटरी से उतरने की वजह से हादसा हुआ और वहीं बहनागा रेलवे के पास एक मालगाड़ी ट्रेन से टकरा गई और यह घटना 02 जून को बालासोर रेलवे स्टेशन उड़ीसा की है ।

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